“ट्रैफिक रूल तोड़े तो होगी डबल सज़ा: फाइन के साथ करना होगा लंगर सेवा, नियमों को न करें नजरअंदाज”
- उत्तराखंड में अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा भी करनी होगी। परिवहन विभाग ने नया प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है, जिसके तहत नियम तोड़ने वालों को यातायात संचालन, स्वच्छता कार्य, वृक्षारोपण, रक्तदान, हेलमेट वितरण, या लंगर सेवा जैसी गतिविधियाँ करनी होंगी। यदि कोई व्यक्ति सामुदायिक सेवा करने से मना करता है, तो उससे दोगुना अर्थदंड वसूला जाएगा।
- मुख्य उद्देश्य है कि लोग सड़क सुरक्षा का महत्व समझें और अपनी ज़िम्मेदारी का बोध करें।
क-श्रेणी उल्लंघन: 8 घंटे की सेवा
- बिना हेलमेट, तीन सवारी, ओवरलोडिंग, या इमरजेंसी वाहनों को रास्ता न देना—इन मामलों में आठ घंटे तक चौराहों पर ट्रैफिक संचालन, चार घंटे स्वच्छता, जागरूकता कक्षाएँ, या वृक्षारोपण जैसी सेवाएँ देनी होंगी।
ख-श्रेणी उल्लंघन: दोगुना समय
- बिना लाइसेंस, तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, या ड्राइविंग के दौरान फोन पर बात करने वालों को ऊपर बताई सेवाएँ दोगुने समय तक करनी होंगी। विकल्प के तौर पर वे वृद्धाश्रम, अनाथालय या नारी निकेतन में एक दिन का भोजन भी करा सकते हैं।
ग-श्रेणी उल्लंघन: चार गुना सेवा या लंगर
- स्पीड रेसिंग, बिना पंजीकरण वाहन चलाना, या बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में सामाजिक सेवा का समय चार गुना होगा। इसके बदले व्यक्ति 50 तीर्थयात्रियों/पर्यटकों के लिए लंगर, या रक्तदान शिविर भी आयोजित कर सकता है।
