हरिद्वार में संतों की बड़ी अपील: जनसंख्या संतुलन के लिए हिंदू परिवारों में तीन बच्चों पर जोर
- हरिद्वार। हरिद्वार में आयोजित विश्व हिंदू परिषद (VHP) की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में जनसंख्या संतुलन, पारिवारिक व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में संत समाज ने समाज में बढ़ती जनसांख्यिकीय चुनौतियों और बदलती पारिवारिक संरचनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
- अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव दंडी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि कई समुदायों में प्रजनन दर में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिस पर गंभीर चिंतन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती केवल धार्मिक आस्था से नहीं, बल्कि मजबूत परिवारों, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता से भी जुड़ी हुई है।
- बैठक में यह भी कहा गया कि परिवार भारतीय समाज की मूल इकाई है और इसे मजबूत बनाए रखना समय की आवश्यकता है। संत समाज ने युवाओं को पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई गई।
- संतों ने बदलती सामाजिक परिस्थितियों, विवाह संस्था और लिव-इन संबंधों जैसे विषयों पर भी विचार रखते हुए कहा कि भारतीय परिवार व्यवस्था केवल व्यक्तिगत संबंधों का ढांचा नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण आधार है। बैठक में इन विषयों पर व्यापक सामाजिक संवाद और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- बैठक में शामिल संतों और पदाधिकारियों ने समाज में सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर सकारात्मक संवाद चलाने का आह्वान किया।
