Uttarakhand

प्रयागराज में ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा, महाराष्ट्र पुलिस ने ₹140 करोड़ का माल किया जब्त; 21 गिरफ्तार

  • प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाराष्ट्र पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। मीरा-भायंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस की टीम ने कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री को बंद कराया और ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश तेज कर दी है।
  • यह मामला महाराष्ट्र के नालासोपारा में जून महीने में सामने आए 112 ग्राम MD ड्रग्स की बरामदगी से शुरू हुई जांच से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इसका नेटवर्क महाराष्ट्र से निकलकर गुजरात और उत्तर प्रदेश तक पहुंचा। पुलिस ने इस दौरान मुंबई, जलगांव, गुजरात, कल्याण, नेरुल और प्रयागराज समेत कई स्थानों पर कार्रवाई की।
  • पुलिस के मुताबिक, अब तक तीन राज्यों में छापेमारी कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई में करीब ₹140 करोड़ मूल्य की ड्रग्स जब्त किए जाने का दावा किया गया है। जांच के दौरान कल्याण के कथित ‘जालिम गैंग’ से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में एक इंजीनियर समेत कई उच्च शिक्षित लोग भी शामिल पाए गए हैं।
  • पुलिस आयुक्त कौशिक के अनुसार, MBVV क्राइम ब्रांच की टीम प्रयागराज पहुंची, जहां ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ी एक निर्माण इकाई का पता लगाया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कथित फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच अभी जारी है।
  • जांच में ‘जालिम गैंग’ से कथित संबंध सामने आने के बाद पुलिस इस पहलू पर भी विशेष ध्यान दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या गिरोह से जुड़े लोग ड्रग्स के निर्माण और सप्लाई नेटवर्क में भी सक्रिय थे।
  • पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जांच के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभावित कनेक्शन के संकेत मिले हैं। हालांकि, इन संबंधों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस आगे की जांच के जरिए इन दावों की सत्यता का पता लगा रही है।
  • मामले में गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल ने भी पुलिस को चौंकाया है। जांच के अनुसार, आरोपियों में ग्रेजुएट और एक इंजीनियर सहित पढ़े-लिखे लोग शामिल हैं। पुलिस अब ड्रग्स के निर्माण, सप्लाई और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

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