उत्तराखंड में साइबर ठगी का नया खेल! ऑनलाइन टास्क के नाम पर युवती से 28.5 लाख रुपये ठगे
- उत्तराखंड में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां टेलीग्राम पर ऑनलाइन टास्क और नौकरी का झांसा देकर एक युवती से 28.50 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। जालसाजों ने युवती को नामी कंपनी में नौकरी दिलाने और निवेश पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। ठगी का पता चलने के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत कर रकम वापस दिलाने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- पीड़िता के मुताबिक, जून 2026 में टेलीग्राम पर एक अज्ञात लिंक उसके पास भेजा गया था। लिंक के जरिए ‘काइनबेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी से जुड़े होने का दावा किया गया। उसे बताया गया कि इस प्रक्रिया के जरिए अमेजन में नौकरी मिल सकती है। इसके लिए उसे ऑनलाइन टास्क पूरे करने और अलग-अलग चरणों में रकम जमा करने को कहा गया। बदले में उसे अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया।
- युवती का आरोप है कि जालसाजों के बताए निर्देशों पर भरोसा करते हुए उसने अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी के माध्यम से कुल 28,50,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम जमा करने के बाद भी उसे न तो promised मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई।
- पीड़िता के अनुसार, ठगों ने इसके बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ा और रकम वापस करने के नाम पर उससे 3.20 लाख रुपये और जमा करने की मांग की। लगातार पैसे की मांग होने पर उसे पूरे मामले में साइबर ठगी का शक हुआ।
- ठगी का एहसास होने के बाद युवती ने काशीपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस से साइबर अपराध में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और ठगी गई रकम की रिकवरी के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
- कोतवाल हरेंद्र चौधरी के अनुसार, पीड़िता की तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पैसों के लेन-देन, बैंक खातों, UPI ट्रांजैक्शन और डिजिटल संपर्कों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
- यह घटना ऑनलाइन नौकरी और निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के बढ़ते खतरे को सामने लाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी अनजान व्यक्ति या लिंक के जरिए मिलने वाले नौकरी, टास्क या जल्दी मुनाफा कमाने के ऑफर पर बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए। संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत संबंधित बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
