भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर बड़ा फैसला, प्रबंधन और रेलवे नेटवर्क मजबूत करने पर बनी सहमति; दो दिन चला मंथन
- भारत और नेपाल के बीच सीमा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आपसी कनेक्टिविटी को मजबूत करने को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है। संयुक्त कार्यसमूह की 14वीं बैठक में दो दिनों तक चले विचार-विमर्श के दौरान दोनों देशों ने सीमा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों की समीक्षा की।
- बैठक में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई और सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही सीमा क्षेत्र में सड़क और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने तथा मौजूदा बुनियादी ढांचे के बेहतर इस्तेमाल पर भी दोनों पक्षों ने सहमति जताई।
- बैठक के दौरान सीमा स्तंभों के संरक्षण और रखरखाव को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। इसके साथ ही दसगजा क्षेत्र में संभावित अतिक्रमण और क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों की पहचान के लिए ड्रोन मैपिंग के इस्तेमाल का समर्थन किया गया। इसका उद्देश्य सीमा से जुड़े विवादों की स्थिति में सटीक जानकारी उपलब्ध कराना और दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
- मसूरी रोड स्थित होटल ताज में आयोजित बैठक के दूसरे और अंतिम दिन भारत तथा नेपाल के अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन और सुरक्षा सहयोग की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। दोनों देशों ने सीमा से जुड़े प्रमुख विषयों पर नियमित संवाद और आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
- बैठक में सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने, सीमा स्तंभों के रखरखाव और संस्थागत समन्वय को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और क्षमता निर्माण की जरूरत पर जोर दिया।
- भारत की ओर से गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जबकि नेपाल की ओर से गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफ्ले ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
- बैठक में यह भी तय किया गया कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार संवाद और समन्वय जारी रखा जाएगा। संयुक्त कार्यसमूह की अगली बैठक नेपाल में आयोजित होगी, जिसकी तारीख दोनों देशों की आपसी सहमति से तय की जाएगी।
- एकीकृत जांच चौकियों (ICP) को लेकर भी दोनों देशों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। सीमा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ एकीकृत जांच चौकियों, सड़कों और रेलवे नेटवर्क का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- सीमा पार होने वाली आपराधिक गतिविधियों और अपराधों पर रोक लगाने के लिए दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर सहमति जताई। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण माना गया।
- इस बैठक का व्यापक उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर कनेक्टिविटी वाला बनाना है, ताकि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित माहौल के साथ दोनों देशों के बीच व्यापार, आवागमन और आपसी सहयोग को भी बढ़ावा मिल सके।
