सवाल उठाना लोकतंत्र का अधिकार, लेकिन कांग्रेस नेता कर रहे ‘कॉमेडी’: सीएम
- मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि लोकतंत्र में सवाल उठाना हर किसी का अधिकार है, लेकिन इसके पीछे एजेंडा चलाने की भावना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रच रही है और उसके नेता राजनीति करने के बजाय ‘कॉमेडी’ करने का काम कर रहे हैं।
विशिष्ट विभूतियों के अपमान पर भड़का उत्तराखंड
- देहरादून में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है, उसे उत्तराखंड के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के लिए भी कांग्रेस ने बेहद आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग किया था, जो राज्य की जनता के स्वाभिमान पर चोट है।
राज्य गठन के दंश को नहीं भूली जनता
- कांग्रेस की उत्तराखंड के प्रति सोच पर सवाल उठाते हुए सीएम धामी ने कहा, “पूरा राज्य जानता है कि उत्तराखंड गठन के आंदोलन के दौरान जब गोलीकांड हुआ और हमारी माताओं-बहनों के साथ गलत व्यवहार किया गया, तब केंद्र में किसकी सरकार थी?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस आए दिन नए-नए एजेंडे चलाती है, लेकिन जनता उनके इतिहास और हश्र दोनों से अच्छी तरह वाकिफ है।
नकल माफिया पर राहुल गांधी के दावे को नकारा
- राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता दावा करते हैं कि उत्तराखंड सरकार ने किसी नकल माफिया को जेल नहीं भेजा, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश में कठोर कानून के तहत 100 से अधिक नकल माफिया सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाना ही कांग्रेस की मूल संस्कृति रही है।
दलित राजनीति और हल्द्वानी मुद्दे पर घेरा
- हल्द्वानी प्रकरण का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस ने वहाँ भी माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में सभी जाति और समाज के लोग मिलकर देवी-देवताओं का आह्वान करते हैं, लेकिन कांग्रेस यहाँ दलित राजनीति के नाम पर झूठ का माहौल बनाना चाहती थी। सरकार के खिलाफ हवन होने जैसी झूठी खबरें फैलाई गईं, जिसका कोई सबूत कांग्रेस नहीं दे सकी।”
दिल्ली के नेताओं को क्यों संभालना पड़ रहा मोर्चा?
- मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को लंबे समय तक सिर्फ हार का ही अहसास होने वाला है क्योंकि देश की नई पीढ़ी अब जागरूक हो चुकी है। युवा वर्ग पिछले इतिहास को खंगाल रहा है कि कैसे पहले बड़े-बड़े घोटाले होते थे और कैसे रिमोट कंट्रोल से सरकारें चलाई जाती थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थानीय कांग्रेस कुछ नहीं कर पा रही है, इसीलिए हार के डर से अब दिल्ली की राष्ट्रीय टीम को उत्तराखंड के मुद्दों पर मोर्चा संभालना पड़ रहा है, लेकिन अब कांग्रेस की दाल गलने वाली नहीं है
