IFS संजीव चतुर्वेदी की नई अर्जी से फिर गरमाया माहौल, वन विभाग ने जानकारी देने से किया इनकार
- भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी संजीव चतुर्वेदी द्वारा उत्तराखंड वन विभाग से मांगी गई सूचनाओं का मामला अब राज्य सूचना आयोग पहुंच गया है। विभाग द्वारा दी गई जानकारी से असंतुष्ट होकर चतुर्वेदी ने आयोग में द्वितीय अपील दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए मुख्य सूचना आयुक्त ने दो बिंदुओं पर स्पष्ट तथ्यात्मक सूचना देने के निर्देश जारी किए हैं।
सात बिंदुओं पर मांगी गई थी जानकारी
- मामले के अनुसार, संजीव चतुर्वेदी ने 21 जनवरी 2026 को प्रमुख सचिव (वन), उत्तराखंड शासन को आवेदन भेजकर सात विभिन्न बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। निर्धारित समयसीमा में विभाग द्वारा सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन चतुर्वेदी उनसे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने 5 मार्च 2026 को प्रथम विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील की, जिसका निस्तारण 9 अप्रैल 2026 को किया गया।
जांच और व्यक्तिगत मामलों का दिया गया हवाला
- मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान लोक सूचना अधिकारी ने पक्ष रखते हुए बताया कि मांगी गई कुछ सूचनाएं आईएफएस अधिकारियों की व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ी थीं। इसके अतिरिक्त प्रकरण में जांच लंबित होने के कारण कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही जानकारी भेजी गई थी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों के स्थानांतरण (Transfer) से जुड़ी सूचनाएं केंद्र सरकार को भी भेजी जाती हैं।
आयोग ने जारी किए निर्देश
- मामले की सुनवाई और दस्तावेजों के अवलोकन के बाद मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि बिंदु संख्या 1 और 5 के संदर्भ में अपीलार्थी को स्पष्ट एवं तथ्यात्मक सूचना जल्द उपलब्ध कराई जाए तथा इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए। वहीं, शेष बिंदुओं पर विभाग द्वारा दी गई सूचना को आयोग ने सही पाया।
