महंगाई की मार: इस दशहरे 50% महंगे हुए रावण के पुतले, देहरादून में इस बार रिमोट से जलेगा लंकापति का अहंकार
- बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व दशहरे पर इस बार महंगाई का तड़का भी लग गया है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन तो परंपरा के अनुसार ही होगा, लेकिन इन्हें तैयार करने में आयोजकों और कारीगरों की जेब पर भारी असर पड़ा है। बांस, रस्सी और कागज के साथ-साथ मजदूरी बढ़ने से इस बार पुतलों की लागत में 45 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, भक्तों के उत्साह और परंपरा में कोई कमी न आए, इसके लिए दशहरा समितियां पुतलों की ऊंचाई कम करने को तैयार नहीं हैं।
बांस, रस्सी और कागज हुए महंगे
- शहर में इस बार 20 अक्टूबर को होने वाले दशहरा मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। परेड ग्राउंड में इस बार का सबसे बड़ा आकर्षण 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला होगा, जिसे मंगलवार सुबह क्रेन के माध्यम से खड़ा कर दिया गया है।
- पुतले तैयार कर रहे अंबाला के कारीगर प्रधान तेजेंद्र चौहान ने बताया कि महंगाई ने लागत काफी बढ़ा दी है। पिछले साल जो बांस 110 रुपये में मिलता था, वह अब बढ़कर 200 रुपये का हो गया है। इसी तरह रस्सी के दाम 120 रुपये प्रति किलो से उछलकर 210 रुपये और कागज की कीमतों में भी करीब 40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। उनकी टीम में लगभग 40 कारीगर दिन-रात पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
- वहीं, प्रेमनगर में पुतले तैयार कर रहे कारीगर गिरीश ने बताया कि बिजनौर, मुरादाबाद और नजीबाबाद से कारीगर बुलाए गए हैं। 50 फीट के एक पुतले में करीब आठ क्विंटल बांस की खपत होती है, जिसका खर्च और आतिशबाजी का बजट अब काफी बढ़ गया है।
पुतलों की कीमतों में आया उछाल (तुलनात्मक आंकड़े)
| पुतले की ऊंचाई | पिछले साल (लागत) | इस बार (लागत) |
| 45 फीट | ₹55,000 | ₹80,000 |
| 50 फीट | ₹60,000 | ₹88,000 |
| 55 फीट | ₹65,000 | ₹96,000 |
| 60 फीट | ₹70,000 | ₹1,01,000 |
| 65 फीट | ₹80,000 | ₹1,12,000 |
परेड ग्राउंड में रिमोट से जलेगा रावण
- महंगाई की इन तमाम अड़चनों के बीच इस बार का दशहरा उत्सव बेहद खास होने जा रहा है। बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले 79वें दशहरा महोत्सव का मुख्य आकर्षण 181 फीट ऊंचा वह विशाल रावण होगा, जिसे इस बार पारंपरिक मशाल के बजाय रिमोट कंट्रोल के जरिए धधकाया जाएगा। इसे देखने के लिए दूनवासियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
