CM धामी का सख्त संदेश: देवभूमि में घृणित और कट्टरपंथी सोच को नहीं मिलेगी जगह
- पुष्कर सिंह धामी ने पूर्णागिरि मेला के शुभारंभ अवसर पर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में घृणित और कट्टरपंथी सोच को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अस्मिता, सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार जनहित में सख्त निर्णय लेती है, तो विपक्ष उसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश करता है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि सरकार के सभी फैसले प्रदेश हित और विकास को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं।
पूर्णागिरि मेला: विकास और सुविधाओं पर जोर
- शुक्रवार को ठुलीगाड़ से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे सालभर संचालित करने की दिशा में प्रयास तेज करने का संकल्प लिया। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवागमन, स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- इस दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग ₹74.54 करोड़ की लागत से नौ विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उनका कहना था कि धार्मिक पर्यटन और आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
सुरक्षा बलों का बढ़ाया मनोबल
- मुख्यमंत्री ने लोहाघाट स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 36वीं वाहिनी का भी दौरा किया। उन्होंने जवानों को होली की शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान की सराहना की।
- उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में तैनात हमारे जवान देश की सुरक्षा के लिए सशक्त कवच हैं। त्योहारों पर परिवार से दूर रहकर राष्ट्र सेवा में समर्पित जवानों का त्याग पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
विकास और सामाजिक सौहार्द का संदेश
- मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य है शांति, विकास और सामाजिक समरसता को मजबूत करना। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की घृणा फैलाने वाली या कानून विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, विकास कार्यों और सुरक्षा बलों के सम्मान के साथ-साथ राज्य में कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
