PM Awas Yojana के लिए किया है आवेदन? ये गलती पड़ी भारी तो नहीं मिलेगा घर
- अगर आपने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत घर बनाने के लिए आवेदन किया है, तो जियो टैगिंग और लोकेशन डिटेल भरते समय बेहद सावधान रहें। आवेदन के दौरान खाली प्लॉट की गलत जियो टैगिंग या किसी अन्य व्यक्ति की जमीन अपलोड करने पर आपका आवेदन सीधे रद्द किया जा सकता है।
- जिले में प्रधानमंत्री आवास निर्माण (ग्रामीण) के लिए हुए हालिया सत्यापन में यह सामने आया कि कई आवेदकों ने गलत जानकारी या फर्जी जियो टैगिंग के माध्यम से लाभ लेने की कोशिश की। विकासखंड स्तर पर गठित टीमों ने गांव-गांव जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, जिसके बाद कई अपात्र नाम सूची से हटा दिए गए।
- विभागीय सूत्रों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 3200 लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन जांच के दौरान 90 से अधिक आवेदक अपात्र पाए गए। अंतिम आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया अभी पूरी तरह संकलित की जा रही है।
क्या हुई गड़बड़ियां?
- एक मामले में आवेदक ने दूसरे व्यक्ति के खाली प्लॉट की जियो टैगिंग पोर्टल पर अपलोड कर दी।
- टीम जब मौके पर पहुंची तो जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पाई गई।
- दूसरे मामले में, जिस लोकेशन को खाली प्लॉट बताया गया था, वहां पहले से पक्का मकान मौजूद मिला।
ऐसे मामलों में आवेदन तुरंत निरस्त (Reject) कर दिए गए और संबंधित व्यक्तियों को योजना की सूची से बाहर कर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि अब डिजिटल जियो टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सख्त सत्यापन प्रक्रिया के कारण फर्जीवाड़े की गुंजाइश बेहद कम हो गई है। योजना का उद्देश्य केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, न कि गलत तरीके से लाभ लेने वालों को।
ध्यान रखें ये जरूरी बातें
- आवेदन करते समय सही भू-स्थान (Location Coordinates) दर्ज करें
- केवल अपनी वैध जमीन की ही जियो टैगिंग अपलोड करें
- पात्रता की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें
- गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है
