“भविष्य की तकनीक पर भारत की पकड़ मज़बूत — उत्तराखंड एआई समिट में राज्यमंत्री ने जताया विश्वास”
- उत्तराखंड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) के क्षेत्र में नवाचार, सुशासन और उद्यमिता को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार निरंतर पहल कर रही है। इसी क्रम में देहरादून के होटल रमाडा में शुक्रवार को “उत्तराखंड एआई इंपैक्ट समिट 2025” का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “Hills to High-Tech” रखी गई, जो पहाड़ों से लेकर तकनीकी विकास तक की यात्रा का प्रतीक है।
- कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमारे जीवन का अहम हिस्सा बनने जा रही है, और इसका प्रसार मोबाइल क्रांति से भी कई गुना तेज़ होगा।
- राज्यमंत्री ने बताया कि सरकार इस बात पर विशेष ध्यान दे रही है कि एआई तकनीक का वास्तविक असर ज़मीन पर किस तरह से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा —
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि तकनीक का लाभ देश के हर नागरिक तक पहुँचे। जब एआई गांवों और छोटे कस्बों तक पहुँचेगा, तभी इसका असली उद्देश्य पूरा होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ‘AI for All’ कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रही है।”
- समिट के दौरान विशेषज्ञों और उद्यमियों ने एआई के प्रयोग से सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने पर विचार साझा किए। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से संपन्न राज्य है, बल्कि तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
भारत एआई की वैश्विक दौड़ में अग्रणी बनने को तैयार — उत्तराखंड एआई इंपैक्ट समिट में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का संबोधन
- देहरादून में आयोजित उत्तराखंड एआई इंपैक्ट समिट 2025 के दौरान केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेगी — भारत इस तकनीक के क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान मजबूत करेगा।
- उन्होंने बताया कि भारत सरकार 34,000 GPU (Graphics Processing Units) खरीद चुकी है, जिनका उपयोग देश के नागरिकों और डेवलपर्स के लिए सुलभ कराया जाएगा। इससे AI रिसर्च और नवाचार को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि यह तकनीक सस्ती दरों पर आम लोगों तक पहुँचे।
डिजिटल कुंभ 2027: तकनीक आधारित आयोजन का नया अध्याय
- मंत्री ने कहा कि डिजिटल कुंभ 2027 भारत के लिए तकनीकी दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगा। इसमें क्राउड मैनेजमेंट, अल्टरनेट रूट, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी सेवाओं को एआई और डिजिटल सॉल्यूशन्स से जोड़ा जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाला अर्धकुंभ विश्वस्तरीय तकनीकी प्रबंधन का उदाहरण बनेगा।
भारत का डेटा, भारत का एआई मॉडल
- जितिन प्रसाद ने कहा कि एआई का आधार डेटा है — और भारत के पास ऐसा विशाल और विविध डेटा सेट है जो दुनिया में अद्वितीय है। यही कारण है कि आने वाले समय में भारत का एआई मॉडल सबसे सक्षम और प्रभावी होगा।
“दुनिया हमारे डेटा का उपयोग करना चाहती है, लेकिन हमें अपना एआई मॉडल खुद बनाना है। हमें बायस्ड एआई नहीं चाहिए, बल्कि ऐसा एआई चाहिए जो भारतीय मूल्यों पर आधारित हो,” उन्होंने कहा।
- मंत्री ने बताया कि सरकारी कामकाज अब फाइलों के बजाय ईमेल सिस्टम से संचालित होता है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी मेल अब Zoho प्लेटफ़ॉर्म पर रीडायरेक्ट किए गए हैं।
युवाओं और उद्योगों को मिला नवाचार का आह्वान
- कार्यक्रम में युवाओं को एआई के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। मंत्री ने कहा कि “देश के युवाओं में अपार प्रतिभा है। उन्हें एआई का उपयोग सिर्फ सहायक उपकरण के रूप में करना चाहिए, न कि उस पर पूरी तरह निर्भर होना चाहिए। अपनी सोच और रचनात्मकता को बनाए रखें।”
- उन्होंने यह भी जोड़ा कि नीति निर्माताओं को पुराने ढर्रे से बाहर आना चाहिए और जनता के लिए ऐसी ऑनलाइन सेवाएं विकसित करनी चाहिए, जिससे लोग घर बैठे सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
एआई इन गवर्नेंस और स्टार्टअप्स पर विशेष सत्र
- समिट में “AI in Governance in Uttarakhand”, “Digital Kumbh 2027” और “AI for Innovation & Entrepreneurship” जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
नए स्टार्टअप्स ने अपने अभिनव विचार प्रस्तुत किए, जबकि पैनल डिस्कशन में उद्योग, सरकार और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
