नोकिया का बड़ा दांव! भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जलवा दिखाने के लिए मिलाया हाथ
- इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी देश की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की सब्सिडियरी एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (LTTS) ने बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने भारत में इंजीनियरिंग और आरएंडडी (Research & Development) गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए फिनलैंड की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी नोकिया के साथ अगले 5 साल के लिए रणनीतिक समझौता किया है। इस बड़ी पार्टनरशिप के एलान के बाद शेयर बाजार में LTTS के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है।
4000 रुपये के पार पहुंचा शेयर
- नोकिया के साथ इस बड़े करार की खबर आते ही LTTS के शेयरों में निवेशकों का उत्साह बढ़ गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर यह शेयर 3.36% (131.50 रुपये) की मजबूती के साथ 4,041.80 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र (शुक्रवार) में यह शेयर 3,910 रुपये पर बंद हुआ था।
क्या होगा इस साझेदारी का दायरा?
इस पांच साल की पार्टनरशिप के तहत LTTS, नोकिया के आरएंडडी प्रोग्राम्स को कई मोर्चों पर सपोर्ट करेगी। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
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सिस्टम इंटीग्रेशन और प्रोडक्ट सपोर्ट
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एम्बेडेड सिस्टम और नए प्रोडक्ट्स का विकास
भारत में बनेगा ‘ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर’ (ODC)
- इस समझौते के तहत LTTS भारत में एक समर्पित ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर (ODC) स्थापित करेगी। साथ ही, एक विशेष इंजीनियरिंग टीम भी तैयार की जाएगी जो ग्लोबल लेवल पर नोकिया के टेक्नोलॉजी सेंटर को सहयोग देगी। यह पहल LTTS की ‘लक्ष्य 31’ (Lakshya 31) रणनीति और नेक्स्ट-जेन कंप्यूट व AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनी के फोकस के पूरी तरह अनुरूप है। यह टीम मुख्य रूप से 5G नेटवर्क, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, AI-ऑपरेटेड ऑपरेशंस और आधुनिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करेगी।
भारत है नोकिया के लिए अहम इनोवेशन हब
- नोकिया में इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विवेक जायसवाल ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक लीडर के रूप में नोकिया का R&D में निरंतर निवेश करना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत नोकिया के लिए एक अहम इनोवेशन हब है और इस सफर में LTTS उनका एक बेहद महत्वपूर्ण और भरोसेमंद पार्टनर साबित होगा।

