संगरूर हादसा: मंत्री हरपाल चीमा ने की पीड़ितों से मुलाकात, सरकार के मुआवजे के ऐलान को मजदूर संगठनों ने नकारा
- लहरा क्षेत्र के गांव अलीशेर के समीप गत दिवस हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों और अस्पताल में उपचाराधीन घायलों से मिलने सोमवार सुबह वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल पहुंचे। मंत्रियों ने घायलों का कुशलक्षेम जाना और डॉक्टरों से उनके इलाज की पूरी जानकारी ली। इस दौरान पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया।
तेज रफ्तार कार ने ली थी 8 मजदूरों की जान
- गौरतलब है कि इस दर्दनाक हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 11 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ये सभी मजदूर कामकाज के बाद सड़क किनारे पानी पीने और आराम करने के लिए बैठे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया था।
सरकार का मुआवजे और इलाज का ऐलान
मुलाकात के बाद मंत्रियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।
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मुफ्त इलाज: हादसे में घायल सभी लोगों के इलाज का पूरा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी।
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दोषियों पर शिकंजा: हादसे के लिए जिम्मेदार कार चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, यदि मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी अधिकारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उस पर भी उचित कार्रवाई होगी।
मजदूर संगठनों ने ठुकराया मुआवजा, उग्र संघर्ष की चेतावनी
सरकार के राहत ऐलान के बीच मजदूर संगठनों द्वारा गठित एक्शन कमेटी ने सरकार की ओर से घोषित दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद को सिरे से ठुकरा दिया है।
संगठन ने सरकार के सामने निम्नलिखित मुख्य माँगे रखी हैं:
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उचित और बड़ा मुआवजा: मृतकों के परिवारों को बनता भारी मुआवजा दिया जाए।
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सरकारी नौकरी: पीड़ित परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए।
मजदूर संगठनों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष प्रकट करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगे जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे कड़ा संघर्ष करने के लिए विवश होंगे।

