पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर उत्तराखंड सरकार का एक्शन, हेल्प डेस्क से मिलेगी सहायता
- ईरान-इजराइल तनाव के बीच उत्तराखंड सरकार ने पश्चिम एशिया में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य सरकार का फोकस केवल ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में कार्यरत उत्तराखंडी प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रवासी नागरिकों का डेटा तैयार, हेल्प डेस्क सक्रिय
- सरकार ने उन देशों की सूची पर विशेष ध्यान दिया है जहां बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार, नर्सिंग स्टाफ, होटल इंडस्ट्री कर्मचारी और अन्य पेशेवर कार्यरत हैं। दिल्ली स्थित राज्य के स्थानिक आयुक्त को संबंधित देशों के दूतावासों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- राज्य स्तर पर हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। गृह विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे सीधे विदेश मंत्रालय से समन्वय बनाए रखें।
जिलों से परिवारों की सूची तैयार
- सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों से जुड़े उन परिवारों की सूची तैयार रखें, जिनके सदस्य पश्चिम एशिया के देशों में कार्यरत हैं। साथ ही प्रवासी डेटा बैंक अपडेट किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित संपर्क और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
यूएई, सऊदी, कतर और कुवैत पर विशेष फोकस
- उत्तराखंड के सबसे अधिक नागरिक यूएई, सऊदी अरब, कतर और कुवैत में कार्यरत हैं। खाड़ी देश प्रदेश के प्रवासी कामगारों का प्रमुख केंद्र हैं। इजराइल और ईरान में संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन वहां भी संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
- प्रवासी नागरिकों के लिए सरकार ने QR कोड और ऑनलाइन पंजीकरण लिंक जारी किया है, जिससे वे दूतावासों में अपना पंजीकरण करा सकें और आधिकारिक एडवाइजरी प्राप्त कर सकें।
प्राथमिकता: नागरिकों की सुरक्षा और मानवाधिकार
- मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी उत्तराखंडी नागरिक संकट में असहाय न रहे। यह कदम केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा, मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एहतियाती कदम है।
- परिवारों से अपील की गई है कि वे विदेश में रह रहे अपने परिजनों को भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दें।
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार का यह सक्रिय रुख दर्शाता है कि संकट की घड़ी में प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा और अधिकार सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
