“Uttarakhand News: ऋषिकेश में जन सेवा केंद्र पर कार्रवाई—सीलिंग के दौरान आधार कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद”
- देहरादून के बाद अब ऋषिकेश में भी जन सेवा केंद्र की मनमानी उजागर हुई है। जिला प्रशासन की टीम ने छापेमारी के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ पकड़ीं, जिसके बाद संबंधित जन सेवा केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
संवेदनशील दस्तावेज़ मिलने से बढ़ी दुरुपयोग की आशंका
- जांच के दौरान केंद्र से दूसरे व्यक्तियों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रमिक कार्ड और बैंक पासबुक के मूल दस्तावेज बरामद हुए। अधिकारियों ने जब पूछा कि ये संवेदनशील दस्तावेज केंद्र में क्यों रखे गए हैं, तो संचालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इससे दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका और गहरा गई।
CSC ID किसी और के नाम, संचालन कोई और कर रहा था
- छापेमारी में यह भी सामने आया कि वीरपुर खुर्द, पशुलोक क्षेत्र में संचालित इस केंद्र की CSC ID मनीषा नामदेव के नाम पंजीकृत थी, जबकि साइट पर संचालन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था।
- केंद्र पर लगाए गए बोर्ड पर विभा नामदेव के नाम और मोबाइल नंबर का उल्लेख था, साथ ही आर. नामदेव का नंबर भी अंकित था। जांच में पता चला कि विभा नामदेव, आर. नामदेव की पुत्री हैं और मौके पर नियमित रूप से मौजूद भी नहीं रहती थीं।
जांच में क्या-क्या मिला?
केंद्र से जो दस्तावेज जब्त किए गए, उनमें शामिल हैं—
- 9 आधार कार्ड
- 3 राशन कार्ड
- 3 श्रमिक कार्ड
- 1 आयुष्मान कार्ड
- कई लोगों की बैंक पासबुक के मूल दस्तावेज
- इसके अतिरिक्त केंद्र पर जारी किए गए प्रमाणपत्रों से संबंधित कोई पंजिका (रिकॉर्ड रजिस्टर) भी उपलब्ध नहीं मिली।
- निरीक्षण के दौरान प्रशासन को बीपीएल सर्वे 2002 के खाली कार्ड भी मिले, जिनके बारे में संचालक स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
गंभीर अनियमितताओं पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
- इन सभी अनियमितताओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया कि आगे की जांच पूरी होने तक केंद्र का संचालन प्रतिबंधित रहेगा और उसे सील कर दिया गया है।
- प्रशासन का मानना है कि इस तरह के दस्तावेजों को केंद्र के पास रखना अत्यंत संदेहास्पद है और इससे डेटा सुरक्षा, धोखाधड़ी और दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।
