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नेपाल में बाढ़ का कहर: ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्य लापता, कोलकाता का 32 सदस्यीय दल भी संपर्क से बाहर

  • नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। इनमें आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 तीर्थयात्री और कोलकाता से यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल भी शामिल बताया जा रहा है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश में जुटी हैं।
  • सद्गुरु ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनका कैलाश-मानसरोवर यात्रा दल तिब्बत के ग्यिरोंग क्षेत्र के इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद था। इसी दौरान अचानक आई बाढ़ ने इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। उनके अनुसार, बाढ़ के बाद वहां मौजूद लोगों की स्थिति के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
  • सद्गुरु ने कहा कि उनकी टीम स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और बचाव अभियान में हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने और राहत कार्यों में सहयोग करने की इच्छा भी जताई है।
  • ईशा फाउंडेशन से जुड़े यात्रा समूहों के संबंध में बताया गया है कि बड़ी संख्या में यात्री सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि कुछ लोग अभी तिब्बत और नेपाल में मौजूद हैं। प्रभावित क्षेत्र में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण कई यात्रियों की स्थिति की जानकारी जुटाने में परेशानी हो रही है।
  • इसी बीच कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय समूह भी संपर्क से बाहर बताया जा रहा है। इस दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल थे। जानकारी के मुताबिक, समूह 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था। बाढ़ आने के बाद से परिवारों और यात्रा एजेंसी का दल के सदस्यों से संपर्क नहीं हो पाया है।
  • यात्रा एजेंसी से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार, दल का अंतिम संपर्क रसुवागढ़ी क्षेत्र से हुआ था। इसके बाद संपर्क टूट गया। प्रभावित क्षेत्र में फंसे यात्रियों का पता लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव प्रयास किए जा रहे हैं।
  • बाढ़ से नेपाल के प्रभावित इलाकों में सड़क, पुल और संचार व्यवस्था को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे हालात में राहत दलों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों की जानकारी जुटाना है।
  • इस आपदा के बीच भारतीय अधिकारियों की ओर से भी नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। विभिन्न राज्यों से यात्रा पर गए लोगों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों को अपडेट उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
  • फिलहाल लापता यात्रियों की सही स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। यात्रियों के परिजनों से अपील की जा रही है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और अपुष्ट सूचनाओं को साझा करने से बचें।
  • यह घटना एक बार फिर बताती है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, समय पर सूचना और त्वरित राहत व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है। प्रशासन और बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचाना और लापता लोगों को सुरक्षित खोज निकालना होना चाहिए।

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