Uttarakhand

उत्तराखंड चुनाव से पहले बड़ा सर्वे: धामी के नेतृत्व में BJP को 54 सीटें, कांग्रेस को तगड़ा झटका

  • उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से करीब एक साल पहले सामने आए एक मीडिया सर्वे ने प्रदेश के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। सर्वे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा (BJP) को मजबूत स्थिति में बताया गया है। सर्वे के मुताबिक, अगर मौजूदा समय में विधानसभा चुनाव कराए जाएं तो भाजपा को 70 में से 54 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस करीब 14 सीटों पर सिमट सकती है।
  • सर्वे के ये अनुमान अगर चुनावी नतीजों में बदलते हैं तो भाजपा वर्ष 2022 में हासिल की गई सीटों से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। हालांकि, 2027 विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है और इस दौरान प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में सर्वे के आंकड़ों को अंतिम परिणाम के बजाय मौजूदा समय में मतदाताओं की राय का संकेत माना जाना चाहिए।
  • सर्वे में पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता को अलग-अलग सामाजिक और आयु वर्गों के आधार पर भी देखा गया है। इसमें दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री को समाज के कई वर्गों में अच्छा समर्थन मिल रहा है। सामाजिक वर्गों की बात करें तो वैश्य समाज में 57.3 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग में 50.6 प्रतिशत, पंजाबी-सिख समुदाय में 49.7 प्रतिशत, ब्राह्मण वर्ग में 46.3 प्रतिशत, राजपूत वर्ग में 46.1 प्रतिशत और अनुसूचित जाति वर्ग में 45.3 प्रतिशत समर्थन मिलने की बात कही गई है।
  • इन आंकड़ों को भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। पार्टी 2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने पर जोर दे रही है। यदि सर्वे में सामने आए रुझान लंबे समय तक कायम रहते हैं तो यह भाजपा के लिए चुनावी तैयारी के लिहाज से सकारात्मक संकेत हो सकता है।
  • उम्र के आधार पर भी सर्वे में धामी को समर्थन मिलने का दावा किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, 18 से 25 वर्ष की उम्र के लोगों में मुख्यमंत्री को 37.8 प्रतिशत समर्थन बताया गया है। 26 से 35 वर्ष के आयु वर्ग में यह आंकड़ा 43 प्रतिशत, 36 से 50 वर्ष में 46.8 प्रतिशत और 51 से 60 वर्ष में 50.3 प्रतिशत बताया गया है। वहीं 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में धामी को 51.8 प्रतिशत समर्थन मिलने का दावा किया गया है।
  • महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी सर्वे में सरकार के पक्ष में सकारात्मक प्रतिक्रिया का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 88 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री के फैसले का पूर्ण समर्थन किया। वहीं उत्तराखंड की पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखने से जुड़े प्रयासों को लेकर भी लगभग 70 प्रतिशत लोगों के समर्थन की बात कही गई है।
  • भाजपा के लिए ये मुद्दे इसलिए अहम हैं क्योंकि पार्टी की 2027 चुनावी रणनीति में महिला सशक्तीकरण, युवा मतदाता, विकास, सुशासन और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान जैसे विषय महत्वपूर्ण हो सकते हैं। सर्वे में समान नागरिक संहिता (UCC), नकल विरोधी कानून, महिला सशक्तीकरण, विकास कार्यों और सुशासन जैसे फैसलों को भी धामी सरकार की स्वीकार्यता से जोड़कर देखा गया है।
  • वहीं दूसरी ओर, सर्वे के आंकड़े कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ाने वाले हैं। कांग्रेस को आगामी चुनाव में भाजपा की मौजूदा बढ़त को कम करने के साथ-साथ सरकार के खिलाफ मजबूत सत्ता विरोधी माहौल तैयार करना होगा। बेरोजगारी, महंगाई, स्थानीय समस्याएं, विकास और सरकार के कामकाज जैसे मुद्दे आने वाले समय में चुनावी बहस को प्रभावित कर सकते हैं।
  • फिलहाल सर्वे के आंकड़े भाजपा के पक्ष में मजबूत राजनीतिक रुझान की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन चुनावी नतीजे कई कारकों पर निर्भर करेंगे। चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण, उम्मीदवारों का चयन, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं का अंतिम फैसला तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है। इसलिए 54 सीटों का यह अनुमान मौजूदा सर्वे पर आधारित है, इसे 2027 के अंतिम चुनाव परिणाम के रूप में नहीं देखा जा सकता।

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