“पुल पर स्वच्छता का संदेश, नीचे कूड़े का समंदर – राजीव नगर की हकीकत”
- देहरादून के राजीव नगर क्षेत्र में स्थित पुल के नीचे फैली भारी गंदगी और कूड़े के ढेर ने स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पुल के नीचे बहने वाले नाले/नदी के किनारे प्लास्टिक, घरेलू कचरा, गत्ता, खाने-पीने का कूड़ा और निर्माण मलबा बड़े पैमाने पर जमा है।
स्थानीय लोग ही बना रहे हैं डंपिंग ज़ोन
- स्थानीय निवासियों के अनुसार, आस-पास के लोग ही रोज़ाना यहां कूड़ा फेंकते हैं, जिससे यह इलाका धीरे-धीरे एक खुले कचरा घर में बदल गया है। न तो यहां नियमित सफाई होती है और न ही कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए कोई सख्ती दिखाई देती है।

आना-जाना बना खतरे से खाली नहीं
- यह जगह लोगों के रोज़मर्रा के आने-जाने का रास्ता भी है। कूड़े के ढेर, कीचड़ और गंदे पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बरसात के समय यहां फिसलन और संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
स्वच्छता संदेश बनाम हकीकत

- विडंबना यह है कि पुल के खंभों पर स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े संदेश और चित्र बने हुए हैं, जिन पर लिखा है —
“विकसित हो राष्ट्र हमारा, स्वच्छ हो देश हमारा” - लेकिन ज़मीन पर हालात इन नारों के बिल्कुल उलट नजर आते हैं।
स्वास्थ्य और पर्यावरण पर असर
गंदगी के कारण:
- मच्छरों और बीमारियों का खतरा
- दुर्गंध से आसपास के लोग परेशान
- नाले का पानी प्रदूषित
- पर्यावरण और जलस्रोत को नुकसान

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नगर निगम और प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। लोगों ने मांग की है कि:
- यहां नियमित सफाई कराई जाए
- कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाए
- डस्टबिन और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
