Uttarakhand

उत्तराखंड के लोक कलाकारों की चमकी किस्मत: सरकार ने मानदेय में की तीन गुना से अधिक की बढ़ोतरी, खुशी की लहर

उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, लोकगीतों और लोकनृत्यों को देश-दुनिया तक पहुँचाने वाले लोक कलाकारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार सांस्कृतिक दलों से जुड़े कलाकारों और दलनायकों के मानदेय में तीन गुना से अधिक की बंपर बढ़ोतरी करने जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो आगामी 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस ऐतिहासिक सौगात की घोषणा कर सकते हैं।

कितना बढ़ेगा मानदेय?

संस्कृति विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, कार्यक्रमों के दौरान कलाकारों का प्रतिदिन का मानदेय 800 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये और दलनायक (लीडर) का मानदेय 1000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये करने की तैयारी है। संस्कृति विभाग ने इस प्रस्ताव को राय के लिए वित्त विभाग के पास भेज दिया है। वित्त विभाग की हरी झंडी मिलते ही इस पर अंतिम मुहर लग जाएगी।

पटियाला पैटर्न पर तैयार हुआ प्रस्ताव

उत्तराखंड की लोक परंपराओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाले ये कलाकार लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए संस्कृति विभाग ने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन संचालित ‘उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला’ के पैटर्न पर यह नया प्रस्ताव तैयार किया है। संस्कृति विभाग के सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि वित्त विभाग की राय मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।

170 से अधिक सांस्कृतिक दल हैं पंजीकृत

वर्तमान में राज्य के संस्कृति विभाग में लगभग 170 सांस्कृतिक दल पंजीकृत हैं और प्रत्येक दल में औसतन 20 कलाकार शामिल हैं। इसके अलावा 50 से अधिक एकल (सोलो) कलाकार भी रजिस्टर्ड हैं। मानदेय बढ़ने से इन सभी कलाकारों को बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा।

कलाकारों को बीमा सुविधा देने की भी कवायद

महज मानदेय ही नहीं, बल्कि सरकार लोक कलाकारों को बीमा सुविधा के दायरे में लाने के लिए भी गंभीर कदम उठा रही है। संस्कृति सचिव ने जानकारी दी कि इसके लिए सभी जिलों से सांस्कृतिक दलों और एकल कलाकारों का पूरा ब्योरा एकत्र किया जा रहा है ताकि उन्हें बीमा सुरक्षा का लाभ मिल सके।

सीएम से मिले थे कलाकार

गौरतलब है कि हाल ही में लोक कलाकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर मानदेय बढ़ाने, प्रशासनिक नियमों को पूर्ववत रखने, भातखंडे संगीत महाविद्यालय को इससे अलग रखने और कलाकारों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने जैसी प्रमुख मांगें रखी थीं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद अब यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

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