मुख्यमंत्री धामी ने साधा निशाना, ‘इंदिरा राज में होता था व्यापारियों का उत्पीड़न, कांग्रेस की आज भी वही मानसिकता’
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान व्यापारियों का जमकर उत्पीड़न होता था और आज भी कांग्रेस की मानसिकता वही बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों और कारोबारियों को कठघरे में खड़ा करना तथा उन्हें चोर या देश का दुश्मन बताना इसी पुरानी और नकारात्मक सोच का प्रमाण है।
- हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के व्यापारी सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए सीएम धामी ने ये बातें कहीं।
‘जीएसटी का विरोध कर देश के विकास में रोड़ा अटकाया’
- मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि व्यापारियों को अलग-अलग करों की जटिलताओं से मुक्ति दिलाने के लिए जब वर्ष 2015 में जीएसटी (GST) लागू किया गया, तब भी इसका विरोध किया गया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापारियों की परेशानियों को समझते हुए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने व्यापारियों को देश के विकास का अहम भागीदार माना है और विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में व्यापारी वर्ग की भूमिका सबसे बड़ी है।
व्यापारियों को बताया ‘ब्रांड इंडिया का एंबेसडर’
- व्यापारी वर्ग को ‘ब्रांड इंडिया का ब्रांड एंबेसडर’ करार देते हुए सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति व्यापारियों को परेशान करने की नहीं, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करने की है। निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने मंडी शुल्क के मामले में जल्द परीक्षण कर समाधान निकालने और जीएसटी के अंतर्गत किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न न होने का पूरा भरोसा दिलाया।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं:
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प्राकृतिक या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत देने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य व जिला स्तर पर ‘उद्योग मित्र समितियों’ का पुनर्गठन करके उनकी नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएंगी।
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जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के लिए दुर्घटना बीमा योजनाओं की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
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पर्यटन व्यवसाय से जुड़े पंजीकरण की जटिल प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाएगा।
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व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रमिकों को ‘कर्मकार कल्याण बोर्ड’ की विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
