मसूरी में वीकेंड पर पर्यटको का सैलाब: सड़कों पर फैला कचरा, चरमराई कूड़ा निस्तारण व्यवस्था
- सप्ताहांत (वीकेंड) पर पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटकों के भारी हुजूम के पहुंचते ही शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। माल रोड से लेकर प्रमुख दर्शनीय स्थलों तक हर तरफ प्लास्टिक की बोतलें, रैपर और कचरे के ढेर बिखरे पड़े हैं। नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन की कूड़ा निस्तारण व्यवस्था कचरे के इस बोझ के आगे लाचार नजर आ रही है।
पर्यटकों की भारी भीड़ से बेपटरी हुई सफाई व्यवस्था
- शनिवार और रविवार को दिल्ली-एनसीआर और मैदानी राज्यों से हजारों की संख्या में पहुंचे पर्यटकों के कारण शहर के सभी होटल और रिसॉर्ट्स पैक रहे। भीड़ बढ़ने के साथ ही शहर में रोजाना पैदा होने वाले कचरे की मात्रा में अचानक कई गुना इजाफा हो गया। माल रोड, कैम्प्टी फॉल, गन हिल और कंपनी गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर डस्टबिन ओवरफ्लो होकर सड़कों पर कचरा छलकने लगा।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में नाराजगी
- सड़कों पर फैले कचरे और उससे उठती बदबू से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का जीना दुश्वार हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वीकेंड पर शहर में यही स्थिति बनती है, लेकिन पालिका प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सफाई कर्मियों या कूड़ा वाहनों की कोई ठोस अग्रिम व्यवस्था नहीं की जाती। डंपिंग जोन और कूड़ा ट्रांसफर स्टेशनों पर भी कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
अस्थायी समाधान की जगह स्थायी नीति की मांग
- पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि मसूरी की वहन क्षमता (Carrying Capacity) से अधिक पर्यटक पहुंचने के कारण नागरिक सुविधाएं चरमरा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि वीकेंड पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष नाइट-शिफ्ट सफाई अभियान चलाया जाए और बिना सोचे-समझने कचरा फेंकने वाले पर्यटकों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
