अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस का राजभवन घेराव प्रदर्शन, हरक सिंह रावत समेत कई नेता हिरासत में
- अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित ‘वीवीआईपी‘ की भूमिका की जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को कांग्रेस नेताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक लोकभवन के बाहर पहुंचकर धरना दिया और अंदर जाने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
राजपुर रोड कार्यालय से शुरू हुई रणनीति
- इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने राजपुर रोड स्थित प्रदेश पार्टी कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। वार्ता के बाद सभी नेता अपने-अपने निजी वाहनों से सीधे लोकभवन के लिए रवाना हुए और मुख्य गेट पर पहुंच गए। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद तमाम नेता गेट पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार तथा जांच एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की।
वीवीआईपी जांच और माता-पिता के आरोपों पर जोर
- धरने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कड़े शब्दों में कहा कि अंकिता भंडारी के परिजनों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस हत्याकांड में संलिप्त बताए जा रहे तथाकथित वीवीआईपी को जांच के दायरे में लाकर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- वहीं, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सवाल उठाया कि अंकिता के माता-पिता कई बार सार्वजनिक तौर पर दुष्यंत गौतम का नाम ले चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जांच एजेंसियां उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक नामजद व्यक्ति को गिरफ्तारी से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, पार्टी का यह संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन में ये दिग्गज रहे मौजूद
- इस विरोध प्रदर्शन और धरने में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अलावा पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी, और आशा मनोरमा डोबरियाल सहित कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तमाम कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
