Paytm Stock का जलवा: 2026 में अब तक 32% रिटर्न, निवेशकों को और 31% उछाल की उम्मीद; जल्द पार होगा लिस्टिंग प्राइस!
- देश की दिग्गज फिनटेक कंपनी पेटीएम (One97 Communications) के शेयरों ने इस साल निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। साल 2026 में अब तक पेटीएम के शेयरों ने निवेशकों को 32 फीसदी से ज्यादा का मुनाफा कराया है। अच्छी बात यह है कि आगे भी शेयरों में भारी तेजी की उम्मीद जताई जा रही है, और माना जा रहा है कि जल्द ही यह अपने शुरुआती लिस्टिंग प्राइस को भी पार कर जाएगा।
नोमुरा की ‘BUY’ रेटिंग, ₹2,250 का बड़ा लक्ष्य
- ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने पेटीएम की पैरेंट कंपनी ‘वन 97 कम्युनिकेशंस’ पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए इस शेयर पर ‘BUY’ (खरीदें) की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 2,250 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा कारोबारी स्तर (लगभग 1,700 रुपये) के लिहाज से देखा जाए, तो यहां से शेयरों में करीब 31 फीसदी तक की और शानदार तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.09 लाख करोड़ रुपये है।
310 रुपये के निचले स्तर से शानदार वापसी
- पेटीएम के शेयरों का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इस साल की शुरुआत में शेयर 1,298 रुपये पर खुले थे और अब तक यह 1,855 रुपये के उच्च स्तर को छू चुके हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग 1,950 रुपये पर हुई थी, जिसके बाद भारी गिरावट के चलते साल 2024 में यह लुढ़ककर 310 रुपये के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गए थे। हालांकि, अब सुधरते हालातों के बीच यह अपने पुराने लिस्टिंग प्राइस को पार करने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रोथ को रफ्तार दे रहे ये मुख्य कारण
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना है कि पेटीएम के मुख्य पेमेंट और मर्चेंट लेंडिंग कारोबार में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी। इसकी मुख्य वजहें हैं:
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कम लागत वाला स्ट्रक्चर और AI का इस्तेमाल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से कंपनी की ऑपरेशनल कार्यक्षमता तेजी से सुधर रही है।
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नए अवसर: चुनिंदा (UPI) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के प्रस्ताव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार से कंपनी को नए मौके मिलेंगे।
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शानदार मुनाफे की उम्मीद: नोमुरा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच पेटीएम का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन से पहले की कमाई) 96 प्रतिशत की सीएजीआर (CAGR) से बढ़ेगा।
- कंपनी के बढ़ते पैमाने और सोच-समझकर किए जा रहे मार्केटिंग खर्च से लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है, जिससे आने वाले समय में निवेशकों को और बेहतर रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद है।

